chhavi ranjan ias : ये कैसा समाज कल्याण छवि रंजन जी !

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ये कैसा समाज कल्याण छवि रंजन जी !

chhavi ranjan ias : देश की प्रतिष्ठित मानी सेवा आईएएस के पद पर होना किसी गौरव से कम नहीं होता । अक्सर मां-बाप की यही इच्छा होती है कि उनके बच्चे बड़े होकर IAS या IPS बनें । लेकिन झारखंड के छवि रंजन की तरह आईएएस बनकर अपने देश अपने राज्य को धोखा देना, वाकई शर्मनाक है । झारखंड सरकार ने गिरफ्तार आईएएस अधिकारी छवि रंजन को निलंबित किया । झारखंड के समाज कल्याण विभाग के सचिव आईएएस छवि रंजन (IAS Chhavi Ranjan) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। उन पर सेना (Army) की जमीन बेचने समेत कई घोटालों के आरोप हैं । लेकिन जिसने भी ये खबर पढ़ी होगी या सुनी होगी, उसके दिलोदिमाग में यही सवाल होगा कि ये कैसी समाज सेवा छवि जी ?

कौन हैं IAS छवि रंजन ?

chhavi ranjan ias : 2011 बैच के आईएएस छवि रंजन (IAS Chhavi Ranjan) ने प्रशासनिक सेवा में अपने करियर की शुरुआत झारखंड के चक्रधरपुर से किया था. UPSC EXAM में ALL INDIA रैंकिंग में 125वें नंबर पर आने वाले छवि रंजन की पहली पोस्टिंग चक्रधरपुर में SDO के रूप में हुई थी.

विवादों से रहा है पुराना नाता

IAS छवि रंजन झारखंड कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। ये आईएस अपने कारनामों के कारण शुरू से ही विवादों में रहे हैं। पहले भी रांची के विधायक एवं झारखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने बजट सत्र के दौरान ही छवि रंजन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए थे। इसके बाद राज्य में सनसनी से मच गई थी।2015 में छवि रंजन कोडरमा के डीसी थे, इस दौरान उन्होंने मरकच्चो जिला परिषद डाक बंगला परिसर में लगे शीशम के पेड़ों को कटवा कर अपने घर मंगवा लिया था। इसके अलावा छवि रंजन ने हाईकोर्ट के वकील राजीव कुमार को भी धमकी दी थी। वहीं, विधायक सीपी सिंह ने इन पर हथियार के लाइसेंस के लिए पैसे मांगने का आरोप भी लगाया था

क्या है सेना जमीन घोटाला

chhavi ranjan ias : जानकारी के मुताबिक, जब छवि रंजन रांची के DC थे, तब उनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर फर्ज़ी कागजात के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त की गई। इनमें बरियातू स्थित सेना की जमीन भी शामिल थी। बता दें इस जमीन पर सेना का करीब 90 साल से कब्जा था, इसके बाद अचानक 2021 में प्रदीप बागची ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए जगतबंधु टी एस्टेट के डायरेक्टर दिलीप कुमार घोष को जमीन बेच दी। इस जमीन की सरकारी रेट 20 करोड़ 75 लाख 84200 रुपये थी, लेकिन बिक्री महज 7 करोड़ की दिखाई गई। उसमें भी महज 25 लाख रुपये ही प्रदीप बागची के खाते में गए, बाकी पैसे चेक के जरिए भुगतान की जानकारी डीडी 6888/2021 में दी गई। लेकिन जब ईडी ने चेक की जांच की तो पता चला कि खातों में पैसे पहुंचे ही नहीं। ईडी को पता चला कि चेक के भुगतान की गलत जानकारी डीडी में दी गई, ताकि खरीद-बिक्री सही लगे।

सेना की जमीन के अलावा भी कई जगह फर्जीवाड़ा

यही नहीं ईडी ने कोर्ट को बताया है कि रांची के बजरा मौजा की जमीन की खरीद-बिक्री में भी जालसाजी की गयी है। 29 करोड़ की जमीन की बिक्री सिर्फ 10.15 करोड़ में दिखाई गई है। हालांकि वास्तविक भुगतान केवल तीन करोड़ 45 लाख रुपये का ही किया गया। छवि रंजन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की फेहरिस्त पर जमशेदपुर पूर्वी विधायक सरयू राय ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि छवि रंजन पर कोडरमा डीसी आवास का पेड़ काटने का मुकदमा चल रहा था तब ये सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त कैसे बने? किसके प्रभाव से बने? बजरा मौजा अब और तब की कहानी और कारस्तानी के पेंच उजागर करे ईडी।

सेना की जमीन के घोटाले में आईएएस छवि रंजन गिरफ्तार किए जा चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा शनिवार शाम जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘‘छवि रंजन, निदेशक, सामाजिक कल्याण, झारखंड को पीएमएलए कानून, 2002 के प्रावधान 19 के तहत प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा गिरफ्तारी के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।’’

chhavi ranjan ias : फिलहाल तो इसमें छवि रंजन से लगातार पूछताछ की जा रही है…और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी इस खेल में और भी खिलाड़ियों के नाम सामने आएंगे…जाहिर है इससे राज्य भर में शासन और सत्ता के गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है ।

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