PanduPudding में डूबने से कोचिंग संचालक की मौत, दो छात्र बचे

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PanduPudding: झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा स्थित पंडिपुरिंग जलप्रपात में डूबने से रांची के कोचिंग संचालक संतोष कुमार मेहता की मौत हो गई। मेहता के साथ दो छात्र भी नहाने गए थे, जिन्हें अन्य लोगों ने बचा लिया। पंडिपुरिंग जलप्रपात में डूबने की यह पांचवीं घटना है।

PanduPudding घटना का विवरण

झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा स्थित पंडिपुरिंग जलप्रपात में डूबने से रांची के कोचिंग संचालक संतोष कुमार मेहता की मौत हो गई। मेहता 35 वर्ष के थे और रातू रोड में अध्ययन केंद्र नामक कोचिंग सेंटर के निदेशक थे।

जानकारी के अनुसार, मेहता और उनके कोचिंग सेंटर के 40 अन्य लोग पंडिपुरिंग जलप्रपात में पिकनिक मनाने गए थे। दोपहर के समय मेहता, दो छात्र रितेश और अमन नदी में नहाने चले गए। नहाते समय मेहता अचानक पानी में डूबने लगे। रितेश और अमन ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इस बीच वे भी डूबने लगे। वहां मौजूद अन्य लोगों ने रितेश और अमन को बचा लिया, लेकिन मेहता को बचाने में देरी हो गई।

सूचना मिलने पर पर्यटन मित्र मौके पर पहुंचे और मेहता को पानी से बाहर निकाला। उन्हें रेफरल अस्पताल तोरपा ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई।

PanduPudding जलप्रपात में डूबने की पांचवीं घटना

PanduPudding: पंडिपुरिंग जलप्रपात में डूबने की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले लोहाजिमी के एक युवक महेंद्र चीक बड़ाइक की मौत पंडिपुरिंग में डूबने से हुई थी। इसके अलावा 21 जनवरी को रांची के शुभम मिश्रा, 28 जनवरी को खूंटी के युवक रौनक माथुर तथा 29 जनवरी को रांची के छात्र सन्नी बारला की मौत पंडिपुरिंग में डूबने से हो गई थी। सभी पिकनिक मनाने पंडिपुरिंग पहुंचे थे।

PanduPudding: सुरक्षा के लिए सीबीएसई की गाइडलाइन

पंडिपुरिंग जलप्रपात में लगातार डूबने की घटनाओं के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर सीबीएसई ने स्कूलों के लिए एक गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में कहा गया है कि स्कूलों को बच्चों को जल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए। इसके अलावा, स्कूलों को बच्चों को पिकनिक पर जाने से पहले जरूरी सावधानियां बरतने के बारे में बताना चाहिए।

सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूलों को बच्चों को निम्नलिखित बातें सिखानी चाहिए:

  • नदी या तालाब में नहाते समय कभी भी अकेले नहीं जाना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय हमेशा किसी परिचित व्यक्ति के साथ जाना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय तैरना नहीं आता हो तो कभी भी पानी में नहीं उतरना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय हमेशा अपने सिर पर टोपी या गमछा पहनना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय हमेशा अपने साथ कुछ खाने-पीने का सामान रखना चाहिए।

सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूलों को बच्चों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने के बारे में बताना चाहिए:

  • नदी या तालाब में नहाते समय हमेशा अपने आसपास के वातावरण को ध्यान से देखना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय कभी भी तेज बहाव वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय कभी भी पानी में गहरे उतरना नहीं चाहिए।
  • नदी या तालाब में नहाते समय कभी भी थकने पर पानी में नहीं रहना चाहिए।

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