raj bhavan marchईडी के खिलाफ आदिवासी संगठनों का राजभवन मार्च

raj bhavan march

raj bhavan march: राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के कैलाश उरांव ने कहा कि इडी द्वारा आदिवासी सरकार को समन भेज कर परेशान करने के खिलाफ आदिवासी संगठन एकजुट हैं। राजभवन मार्च का आयोजन 19 जनवरी को होगा, जिसे विभिन्न आदिवासी संगठनें संचालित करेंगी।

raj bhavan march: प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ आरोप: आदिवासी संगठनों का विरोध

झारखंड के आदिवासी संगठनें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, जिनका आरोप है कि ईडी आदिवासी सरकार और मुख्यमंत्री को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। इस आरोप के खिलाफ, आदिवासी संगठनों ने 19 जनवरी को मोरहाबादी मैदान से राजभवन तक मार्च करने और धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय किया है।

राजभवन मार्च का उद्देश्य: आदिवासी सरकार के समर्थन में साझा संदेश

raj bhavan march: कैलाश उरांव, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के सचिव ने बताया कि राजभवन मार्च का उद्देश्य ईडी के खिलाफ आदिवासी सरकार के समर्थन में एक साजग संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा, “ईडी द्वारा आदिवासी सरकार को समन भेज कर परेशान करने के खिलाफ हम एकजुट हैं और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारा आवाज पूरे राज्य में गूंथा जाए।”

raj bhavan march: आदिवासी संगठनों का बयान: विरोध की शांतिपूर्ण प्रक्रिया

केंद्रीय सरना समिति के रूपचंद ने कहा कि झारखंड की सरकार अच्छी तरह से चल रही है और विकास को दिशा मिल रही है, लेकिन ईडी के माध्यम से इसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने विरोध-प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि यह सिर्फ हमारे समस्याओं का समाधान करने के लिए है, और हम यहां आपसी एकता के साथ हैं।

भाजपा का आरोप: ईडी केवल विपक्षी राज्यों की खोजती है

अजय तिर्की, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष ने यह पॉइंट किया कि यदि ईडी स्वतंत्र जांच एजेंसी होती, तो विपक्षी राज्यों के साथ होने वाले समन का सवाल उठता। उन्होंने यह सवाल किया कि क्यों ईडी केवल पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली, और झारखंड जैसे विपक्षी राज्यों की खोजती है, जबकि अन्य राज्यों में नहीं जाती।

raj bhavan march: समाप्ति: शांति बनाए रखने का संकल्प

raj bhavan march: आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आवाज बुलंद करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि केंद्र से संदेश पहुंचे कि ईडी के जरिए यहां गलत कार्रवाई को रोका जाए, अन्यथा वहां आग लग सकती है। इस प्रकार, एक शांतिपूर्ण प्रक्रिया के साथ विरोध व्यक्त किया गया है, जो समाज को सुरक्षित और समृद्धिपूर्ण बनाए रखने का संकल्प है।

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