शरद पूर्णिमा (sharad purnima 2023) पर चंद्रगहण! कब व कैसे बनाएंगे खीर

sharad purnima 2023

28 अक्टूबर 2023 शरद पूर्णिमा (sharad purnima 2023) वाले दिन रहेगा इस साल का आखिरी चन्द्र ग्रहण
sharad purnima kab hai ? इस अंतिम चंद्र ग्रहण का समय: 28 अक्टूबर, देर रात 01:06 बजे से लेकर 28 अक्टूबर के मध्य रात्रि 02:22 बजे तक रहेगा । वहीं सूतक का समय 28 अक्टूबर, दोपहर 02:52 बजे से लेकर मध्य रात्रि 02:22 बजे तक रहेगा ।

sharad purnima 2023

चंद्र ग्रहण के समय न रखें शरद पूर्णिमा की खीर, इस गलती से बचें…

sharad purnima ki katha: 28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा (sharad purnima 2023) है और उस दिन चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse)का सूतक काल दोपहर से प्रारंभ है । यदि आप इस दिन खीर बनाकर रखते हैं तो वह दूषित हो जाएगा । सूतक काल के पूर्व आप खीर बना लेते हैं तो भी वह ग्रहण से दूषित होगा । उसे आप ग्रहण के बाद चंद्रमा की रोशनी में रखकर नहीं खा सकते हैं । दूषित खीर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है ।

शरद पूर्णिमा 2023 (sharad purnima 2023) खीर रखने का सही समय ।

आप शरद पूर्णिमा की खीर चतुर्दशी की रात यानि 27 अक्टूबर शुक्रवार (Friday) की रात बना लें, फिर 28 अक्टूबर को जब शरद पूर्णिमा की तिथि प्रात: 04:17 बजे से शुरू हो तो उस समय उस खीर को चंद्रमा की रोशनी में रख दें । उस दिन चंद्रास्त प्रात: 04:42 पर होगा । आपको बता दें यह समय नई दिल्ली (New Delhi) का है । चंद्रास्त के बाद उस खीर को आप खा सकते हैं। 28 अक्टूबर के प्रात: पूर्णिमा तिथि में चंद्रमा की औषधियुक्त रोशनी प्राप्त हो जाएगी।

दूसरा विकल्प यह है कि आप 28 अक्टूबर के मध्य रात्रि चंद्र ग्रहण के बाद खीर बनाएं और उसे खुले आसमान के नीचे रख दें ताकि उसमें चंद्रमा की रोशनी पड़े। बाद में उस खीर को खा सकते हैं.

क्या है शरद पूर्णिमा की खीर का महत्व ।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से पूर्ण होकर आलोकित होता है । इस वजह से उसकी किरणों में अमृत के समान औषधीय गुण होते हैं । जब हम शरद पूर्णिमा की रात खीर को खुले आसमान के नीचे रखते हैं तो उसमें चंद्रमा की किरणें पड़ती हैं, जिससे वह खीर औषधीय गुणों वाला हो जाता है. खीर की सामग्री दूध, चावल और चीनी तीनों ही चंद्रमा से जुड़ी वस्तुएं हैं, इसके सेवन से स्वास्थ्य लाभ तो होता ही है साथ कुंडली रख चंद्र दोष का निवारण भी होता है।

कब और कैसे बनाएं इस बार शरद पूर्णिमा पर खीर ?

sharad purnima wishes: आप शरद पूर्णिमा की खीर चतुर्दशी की रात यानि 27 अक्टूबर शुक्रवार की रात बना लें और शनिवार ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4.17 के बाद खुले आसमान में शरद पूर्णिमा के चंद्र की रोशनी चंद्रास्त के पहले दिखा ले जिससे चंद्रमा की औषधियुक्त रोशनी प्राप्त हो जाएगी.और सूतक काल शुरू करने के पहले भोग लगाकर खतम कर लें । चंद्रास्त सुबह 4.42 को है तो आपको 25 मिनट का समय मिल जायेगा ।

दूसरा विकल्प यह है कि आप 28 अक्टूबर के मध्य रात्रि 2.22 चंद्र ग्रहण समाप्त होने बाद के बाद खीर बनाएं और उसे खुले आसमान के नीचे रख दें ताकि उसमें चंद्रमा की रोशनी पड़े । बाद में उस खीर को खा सकते हैं।

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